नई दिल्ली (इंटरनेशनल डेस्क)। ईरान से युद्ध के दौरान अमेरिका में कई व्यवस्थाएं अस्त व्यस्त हो गयी हैं। आलम यह है कि अमेरिका पिछले 41 दिनों से कामबंदी की वजह से सुरक्षा कर्मियों की भारी कमी हो गयी है और हवाई अड्डों पर मची अफरा तफरी के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम को नेशनल इमरजेंसी का एलान करना पड़ा है।
नेशनल इमरजेंसी के तहत होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) को आदेश दिया गया है कि वह बिना किसी देरी के टीएचएस (THS) अधिकारीयों और कर्मचारियों का वेतन जारी करे। गौरतलब है कि टीएचएस(THS) के करीब 50 हजार
नई दिल्ली (इंटरनेशनल डेस्क)। ईरान से युद्ध के दौरान अमेरिका में कई व्यवस्थाएं अस्त व्यस्त हो गयी हैं। आलम यह है कि अमेरिका पिछले 41 दिनों से कामबंदी की वजह से सुरक्षा कर्मियों की भारी कमी हो गयी है और हवाई अड्डों पर मची अफरा तफरी के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम को नेशनल इमरजेंसी का एलान करना पड़ा है।
नेशनल इमरजेंसी के तहत होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) को आदेश दिया गया है कि वह बिना किसी देरी के टीएचएस (THS) अधिकारीयों और कर्मचारियों का वेतन जारी करे। गौरतलब है कि टीएचएस(THS) के करीब 50 हजार कर्मचारी पिछले सवा महीने से अधिक समय से बिना वेतन के काम कर रहे हैं।
वेतन न मिलने के चलते बड़ी संख्या में टीएचएस कर्मचारियों ने काम पर आना बंद कर दिया है। जिसके कारण भीड़भाड़ वाले एयरपोर्ट पर यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है और और यात्रियों को एयरपोर्ट पर चार पांच घटे तक इंतजार करना पड़ रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि वे इन कर्मचारियों को वेतन दिलाने के लिए ‘नेशनल इमरजेंसी’ शक्तियों का उपयोग कर सकते हैं ताकि देश की हवाई यात्रा व्यवस्था पूरी तरह ठप न हो।
अमेरिका में पैदा हुए इस संकट के लिए ट्रंप ने विपक्षी डेमोक्रेट्स को जिम्मेदार ठहराया है। वहीँ डेमोक्रेट्स ने ट्रंप पर बिना प्लानिंग के काम करने और अनावश्यक खर्च का बोझ अमेरिका पर डालने का आरोप लगाया है।
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