लेखिका – असमा खान – (दिल्ली एन सी आर ) जब भारत और यूरोपीय संघ ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर सहमति बनने की प्रसन्नता साझा करने की तैयारी में थे, उसी समय वैश्विक राजनीति ने यह स्पष्ट कर दिया कि उत्सव का यह क्षण आत्ममंथन से अलग नहीं हो सकता। नाटो प्रमुख मार्क रुट्टे की चेतावनी—“यूरोप का स्वप्नलोक अब समाप्त […]

