भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी की संसद सदस्यता समाप्त करने के लिए ‘सब्सटेंटिव मोशन’ का नोटिस दिया है। उन्होंने राहुल गांधी पर विदेशी ताकतों के साथ मिलकर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया।
निशिकांत दुबे के मुख्य आरोप: निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) को दिए नोटिस में राहुल गांधी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं:
विदेशी ताकतों से सांठगांठ: आरोप है कि राहुल गांधी ‘सोरोस फाउंडेशन’ (George Soros), फोर्ड फाउंडेशन और USAID जैसे विदेशी संगठनों के साथ मिलकर
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी की संसद सदस्यता समाप्त करने के लिए ‘सब्सटेंटिव मोशन’ का नोटिस दिया है। उन्होंने राहुल गांधी पर विदेशी ताकतों के साथ मिलकर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया।
निशिकांत दुबे के मुख्य आरोप: निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) को दिए नोटिस में राहुल गांधी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं:
विदेशी ताकतों से सांठगांठ: आरोप है कि राहुल गांधी ‘सोरोस फाउंडेशन’ (George Soros), फोर्ड फाउंडेशन और USAID जैसे विदेशी संगठनों के साथ मिलकर भारत को अंदर से अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं।
सेना का अपमान: राहुल गांधी ने सदन में पूर्व आर्मी चीफ जनरल एम.एम. नरवणे की एक अप्रकाशित (Unpublished) किताब के कुछ हिस्सों का जिक्र किया था। सरकार का दावा है कि वह किताब अभी सार्वजनिक ही नहीं हुई है, तो राहुल गांधी के पास उसकी कॉपी कहां से आई?
संवैधानिक संस्थाओं पर हमला: दुबे का आरोप है कि राहुल गांधी ने विदेशी धरती और संसद के भीतर चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट की प्रतिष्ठा को कम करने का प्रयास किया है।
ठग गैंग का सदस्य: नोटिस में उन्हें “भारत को अस्थिर करने वाले ठग गैंग का सक्रिय सदस्य” कहा गया है।
क्या है ‘सब्सटेंटिव मोशन’ (Substantive Motion)?
संसदीय प्रक्रिया में यह एक स्वतंत्र और आत्म-निहित (Self-contained) प्रस्ताव होता है।
विशेषाधिकार हनन से अलग: ‘विशेषाधिकार हनन’ (Privilege Motion) आमतौर पर गलत जानकारी देने पर लाया जाता है, लेकिन ‘सब्सटेंटिव मोशन’ किसी सदस्य के गंभीर दुराचरण (Misconduct) पर लाया जाता है।
सजा: इसके जरिए सदन सीधे तौर पर किसी सदस्य को निष्कासित (Expel) करने का फैसला ले सकता है, जैसा 2005 के ‘नोट के बदले सवाल’ (Cash-for-query) घोटाले में 10 सांसदों के साथ हुआ था।
राहुल का पलटवार: राहुल गांधी ने कहा कि वे किसानों और मजदूरों के हक के लिए लड़ते रहेंगे, चाहे सरकार उनके खिलाफ कितने भी प्रस्ताव लाए। हालांकि, शाम तक खबरें आईं कि भाजपा फिलहाल ‘विशेषाधिकार प्रस्ताव’ के बजाय उनके भाषण के कुछ हिस्सों को रिकॉर्ड से हटवाने (Expunge) पर ध्यान दे रही है।
वहीँ कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने इसे भाजपा की “सेल्फ-डिफेंस स्ट्रेटजी” बताया है। कांग्रेस का कहना है कि जब सरकार के पास राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों (ट्रेड डील और डेटा सुरक्षा) का जवाब नहीं होता, तो वे ऐसे हथकंडे अपनाते हैं।
आगे क्या होगा?
स्पीकर का फैसला: अब गेंद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के पाले में है। यदि वे इस नोटिस को स्वीकार करते हैं, तो सदन में इस पर बहस और वोटिंग होगी।
बहुमत का खेल: चूंकि भाजपा के पास बहुमत है, इसलिए यदि यह प्रस्ताव वोटिंग तक पहुंचता है, तो राहुल गांधी के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
इतिहास का पन्ना: 1978 में इंदिरा गांधी को भी इसी तरह के एक प्रस्ताव के जरिए सदन से निष्कासित किया गया था और जेल भेजा गया था।
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