मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के राजवाड़ा क्षेत्र में राजनीतिक पारा अचानक उबल पड़ा। कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसक झड़प ने शहर के बीचों-बीच तनाव के हालात पैदा कर दिए।
विवाद की मुख्य वजह
यह पूरा विवाद यूजीसी (UGC) के नए नियमों और दिल्ली में यूथ कांग्रेस के ‘शर्टलेस’ प्रदर्शन के विरोध को लेकर शुरू हुआ। कांग्रेस कार्यकर्ता केंद्र सरकार की नीतियों और बेरोजगारी के खिलाफ राजवाड़ा पर प्रदर्शन करने इकट्ठा हुए थे।
बीजेपी का पक्ष: भाजपा कार्यकर्ताओं ने
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के राजवाड़ा क्षेत्र में राजनीतिक पारा अचानक उबल पड़ा। कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसक झड़प ने शहर के बीचों-बीच तनाव के हालात पैदा कर दिए।
विवाद की मुख्य वजह
यह पूरा विवाद यूजीसी (UGC) के नए नियमों और दिल्ली में यूथ कांग्रेस के ‘शर्टलेस’ प्रदर्शन के विरोध को लेकर शुरू हुआ। कांग्रेस कार्यकर्ता केंद्र सरकार की नीतियों और बेरोजगारी के खिलाफ राजवाड़ा पर प्रदर्शन करने इकट्ठा हुए थे।
बीजेपी का पक्ष: भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के प्रदर्शन को ‘अमर्यादित’ और ‘विकास विरोधी’ बताते हुए जवाबी मोर्चा खोल दिया।
हिंसा और पथराव का घटनाक्रम
दोनों पक्षों के बीच पहले तीखी नोकझोंक और नारेबाजी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई।
जमकर चले पत्थर: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों तरफ से लाठियां चलीं और अचानक पथराव शुरू हो गया। आसपास की दुकानों के कांच टूट गए और भगदड़ मच गई।
10 लोग घायल: इस संघर्ष में दोनों पार्टियों के कुल 10 कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों को तत्काल एमवाई (MY) अस्पताल ले जाया गया, जिनमें से 2 की हालत नाजुक बताई जा रही है।
वाहनों में तोड़फोड़: उपद्रवियों ने सड़क पर खड़ी कई गाड़ियों और दोपहिया वाहनों को भी निशाना बनाया।
पुलिस की कार्रवाई
स्थिति बेकाबू होते देख भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पहले हल्का बल प्रयोग किया और फिर आंसू गैस के गोले छोड़े। राजवाड़ा और आसपास के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस तैनात कर दी गई है और एहतियातन भीड़ जुटने पर पाबंदी लगा दी गई है।
FIR दर्ज: डीसीपी ने स्पष्ट किया है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और दोनों पक्षों के खिलाफ कड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया जा रहा है।
🗣️ नेताओं के बयान
जीतू पटवारी (प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष): “लोकतंत्र में विरोध करना हमारा अधिकार है, लेकिन भाजपा की ‘गुंडागर्दी’ अब बर्दाश्त से बाहर है। हमारे कार्यकर्ताओं पर जानबूझकर हमला किया गया।”
कैलाश विजयवर्गीय (कैबिनेट मंत्री): “कांग्रेस हताशा में शहर का माहौल बिगाड़ रही है। हमारे कार्यकर्ता शांतिपूर्वक अपनी बात रख रहे थे, लेकिन कांग्रेसियों ने पहले पत्थरबाजी शुरू की।”
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