सुप्रीम कोर्ट 16 फरवरी को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ एक वायरल वीडियो मामले में सुनवाई करेगा। बता दें कि यह पूरा मामला एक एनिमेटेड वीडियो से शुरू हुआ, जिसे 7 फरवरी 2026 को असम भाजपा के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल (X) पर साझा किया गया था।
वीडियो में क्या है: वीडियो में कथित तौर पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को एक राइफल से दो व्यक्तियों पर निशाना साधते और गोली चलाते हुए दिखाया गया है। इन व्यक्तियों की पहचान उनके पहनावे (टोपी और दाढ़ी) के आधार पर एक विशेष समुदाय (मुस्लिम)
सुप्रीम कोर्ट 16 फरवरी को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ एक वायरल वीडियो मामले में सुनवाई करेगा। बता दें कि यह पूरा मामला एक एनिमेटेड वीडियो से शुरू हुआ, जिसे 7 फरवरी 2026 को असम भाजपा के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल (X) पर साझा किया गया था।
वीडियो में क्या है: वीडियो में कथित तौर पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को एक राइफल से दो व्यक्तियों पर निशाना साधते और गोली चलाते हुए दिखाया गया है। इन व्यक्तियों की पहचान उनके पहनावे (टोपी और दाढ़ी) के आधार पर एक विशेष समुदाय (मुस्लिम) के रूप में की गई है।
कैप्शन: इस वीडियो के साथ ‘पॉइंट ब्लैंक शॉट’ (Point Blank Shot) और ‘नो मर्सी’ (No Mercy) जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया था।
प्रतिक्रिया: विपक्ष और कई नागरिक समूहों ने इसे “नरसंहार का आह्वान” और “सांप्रदायिक नफरत फैलाने वाला” बताया। विवाद बढ़ने पर भाजपा ने इस पोस्ट को हटा लिया था।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका:
यह याचिका वामपंथी नेताओं (CPI और CPI-M), जिनमें एनी राजा और सुभाषिनी अली शामिल हैं, और कुछ अन्य नागरिक समूहों द्वारा दायर की गई है।
मांग: याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि मुख्यमंत्री के खिलाफ FIR दर्ज की जाए और मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाए।
आरोप: याचिका में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने “मियां मुस्लिम” जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर हेट स्पीच दी है और यह वीडियो सीधे तौर पर हिंसा को बढ़ावा देता है।
कोर्ट की अब तक की टिप्पणी:
मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले पर सुनवाई के लिए सहमति जताई है। पिछली संक्षिप्त चर्चा के दौरान CJI ने मौखिक रूप से टिप्पणी की थी:
“समस्या यह है कि जैसे ही चुनाव आते हैं, चुनाव का एक हिस्सा सुप्रीम कोर्ट में लड़ा जाने लगता है। हम इसे देखेंगे और तारीख देंगे।”
अगला कदम:
अब इस मामले की औपचारिक सुनवाई 16 फरवरी 2026 (सोमवार) को निर्धारित है। कोर्ट यह तय करेगा कि क्या मुख्यमंत्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए जाने चाहिए या नहीं।
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