शिक्षा जगत और राजनीति में आज सबसे बड़ा मुद्दा NCERT की कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक (Exploring Society: India and Beyond, Vol II) बनी हुई है। इस पुस्तक के चौथे अध्याय में “न्यायपालिका में भ्रष्टाचार” (Corruption in the Judiciary) नामक एक विस्तृत खंड शामिल किया गया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने अत्यंत आपत्तिजनक मानते हुए प्रतिबंधित कर दिया है।
मुख्य न्यायाधीश ने इसे भावी पीढ़ी के मन में संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करने वाली “गहरी साजिश” करार दिया। इस विवाद पर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने भी कड़ा
शिक्षा जगत और राजनीति में आज सबसे बड़ा मुद्दा NCERT की कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक (Exploring Society: India and Beyond, Vol II) बनी हुई है। इस पुस्तक के चौथे अध्याय में “न्यायपालिका में भ्रष्टाचार” (Corruption in the Judiciary) नामक एक विस्तृत खंड शामिल किया गया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने अत्यंत आपत्तिजनक मानते हुए प्रतिबंधित कर दिया है।
मुख्य न्यायाधीश ने इसे भावी पीढ़ी के मन में संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करने वाली “गहरी साजिश” करार दिया। इस विवाद पर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने भी कड़ा संज्ञान लिया है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संसद में स्पष्ट किया कि इस सामग्री को बिना पर्याप्त समीक्षा के शामिल किया गया था। सरकार ने आदेश दिया है कि देश भर के स्कूलों और ऑनलाइन पोर्टल्स से इस पुस्तक की सभी प्रतियां तुरंत वापस ली जाएं।
इसके साथ ही, उन विशेषज्ञों और अधिकारियों की पहचान के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति बनाई गई है जिन्होंने इस विवादित अध्याय को मंजूरी दी थी। विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार की निगरानी प्रणाली पर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार ने इसे “सर्कुलम रिफॉर्म्स” के नाम पर हुई बड़ी चूक माना है।
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