विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनका मुख्य आरोप है कि विपक्ष की आवाज़ को दबाया जा रहा है और महत्वपूर्ण चर्चाओं के दौरान विपक्षी सांसदों के माइक बंद किए जा रहे हैं।
संवैधानिक प्रक्रिया: विपक्ष ने अनुच्छेद 94(c) (Article 94c) के तहत अध्यक्ष को हटाने का नोटिस दिया है। भारतीय संविधान के अनुसार, स्पीकर को उनके पद से हटाने के लिए 14 दिन का पूर्व नोटिस देना अनिवार्य होता है।
वोटिंग का गणित: इस प्रस्ताव को पारित करने के लिए सदन में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के बहुमत
विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनका मुख्य आरोप है कि विपक्ष की आवाज़ को दबाया जा रहा है और महत्वपूर्ण चर्चाओं के दौरान विपक्षी सांसदों के माइक बंद किए जा रहे हैं।
संवैधानिक प्रक्रिया: विपक्ष ने अनुच्छेद 94(c) (Article 94c) के तहत अध्यक्ष को हटाने का नोटिस दिया है। भारतीय संविधान के अनुसार, स्पीकर को उनके पद से हटाने के लिए 14 दिन का पूर्व नोटिस देना अनिवार्य होता है।
वोटिंग का गणित: इस प्रस्ताव को पारित करने के लिए सदन में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के बहुमत की आवश्यकता होती है। वर्तमान आंकड़ों को देखते हुए सरकार के पास पर्याप्त संख्या बल है, लेकिन विपक्ष इसे एक बड़े राजनीतिक मुद्दे के रूप में भुना रहा है।
बता दें कि इससे पहले कल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में इंडिया गठबंधन की बैठक हुई थी। बैठक में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने पर भी चर्चा हुई थी।
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