नई दिल्ली। देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए हुए द्विवार्षिक चुनाव के परिणाम घोषित हो गए हैं, जिनमें विपक्ष को झटका लगा है जबकि सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने मोर्चा मार लिया।
16 मार्च 2026 को हुए मतदान और उसके बाद आए नतीजों में सबसे अधिक चर्चा बिहार और ओडिशा की रही, जहां एनडीए ने विपक्ष को करारी शिकस्त दी है। कुल 37 सीटों में से 26 सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे, जबकि शेष 11 सीटों के लिए सोमवार को मतदान हुआ।
बिहार की सभी 5 सीटों पर एनडीए ने
नई दिल्ली। देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए हुए द्विवार्षिक चुनाव के परिणाम घोषित हो गए हैं, जिनमें विपक्ष को झटका लगा है जबकि सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने मोर्चा मार लिया।
16 मार्च 2026 को हुए मतदान और उसके बाद आए नतीजों में सबसे अधिक चर्चा बिहार और ओडिशा की रही, जहां एनडीए ने विपक्ष को करारी शिकस्त दी है। कुल 37 सीटों में से 26 सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे, जबकि शेष 11 सीटों के लिए सोमवार को मतदान हुआ।
बिहार की सभी 5 सीटों पर एनडीए ने क्लीन स्वीप किया है। यहां से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (JDU), भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर (JDU), भाजपा के शिवेश कुमार और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा विजयी हुए हैं।
बिहार में मतदान के दौरान विपक्षी महागठबंधन में बड़ी सेंधमारी देखने को मिली, जहां राजद (RJD) और कांग्रेस के कुल चार विधायक वोटिंग से अनुपस्थित रहे। इस कारण राजद के उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह को हार का सामना करना पड़ा।
ओडिशा की 4 सीटों पर भी परिणाम चौंकाने वाले रहे। यहां भाजपा ने दो सीटों पर जीत दर्ज की है, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल और सुजीत कुमार शामिल हैं। वहीं, भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार और उद्योगपति दिलीप राय ने भी जीत हासिल की है।
बीजू जनता दल (BJD) को केवल एक सीट से संतोष करना पड़ा, जिस पर संतृप्त मिश्रा विजयी हुए। ओडिशा में बीजद और कांग्रेस के विधायकों द्वारा बड़े पैमाने पर क्रॉस-वोटिंग की खबरें आईं, जिससे निर्दलीय उम्मीदवार की जीत का रास्ता साफ हुआ।
हरियाणा की 2 सीटों पर चुनाव प्रक्रिया विवादों में घिर गई। भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों द्वारा वोट की गोपनीयता भंग होने की शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने मतगणना को कुछ समय के लिए रोक दिया था। बाद में आयोग ने आपत्तियों का निपटारा करते हुए मतगणना फिर से शुरू कराई।
उधर, निर्विरोध चुने गए प्रमुख नेताओं में राकांपा (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार, वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी, भाजपा के विनोद तावड़े और तिरुचि शिवा जैसे दिग्गज शामिल हैं। पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस के बाबुल सुप्रियो और कोएल मल्लिक समेत 4 उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं।
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