राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की एक किताब (संस्मरण) का हवाला देते हुए सरकार पर निशाना साधा है। उनका आरोप है कि 2020 में जब चीन के साथ सीमा पर संकट था, तब प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय सेना को उसके हाल पर छोड़ दिया था।
क्या है पूरा मामला:
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के अनुसार, जनरल नरवणे ने अपनी किताब में लिखा है कि चीन संकट के समय जब फैसले लेने की जरूरत थी, तब प्रधानमंत्री ने कहा, “जो आपको ठीक लगे, वही करें।” राहुल का कहना है कि इसका मतलब
राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की एक किताब (संस्मरण) का हवाला देते हुए सरकार पर निशाना साधा है। उनका आरोप है कि 2020 में जब चीन के साथ सीमा पर संकट था, तब प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय सेना को उसके हाल पर छोड़ दिया था।
क्या है पूरा मामला:
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के अनुसार, जनरल नरवणे ने अपनी किताब में लिखा है कि चीन संकट के समय जब फैसले लेने की जरूरत थी, तब प्रधानमंत्री ने कहा, “जो आपको ठीक लगे, वही करें।” राहुल का कहना है कि इसका मतलब है कि सरकार ने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जब वह सदन में इस किताब और राष्ट्रीय सुरक्षा पर बात करना चाहते हैं, तो उन्हें बोलने नहीं दिया जाता। सरकार के मंत्रियों का कहना है कि ऐसी किसी किताब का अस्तित्व ही नहीं है।
8 सांसद निलंबित: बजट सत्र के दौरान संसद में भारी हंगामा हुआ। राहुल गांधी द्वारा चीन सीमा विवाद का मुद्दा उठाने और विपक्षी सदस्यों द्वारा नारेबाजी करने के बाद, 8 विपक्षी सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित (Suspend) कर दिया गया है।
PM को किताब देंगे: राहुल गांधी ने सोशल मीडिया (X) पर लिखा कि वे प्रधानमंत्री को यह किताब तोहफे में देंगे ताकि वे खुद देख सकें कि उनके पूर्व सेना प्रमुख ने क्या लिखा है।
एक्स पर एक पोस्ट में कांग्रेस नेता ने लिखा, “आज अगर प्रधानमंत्री संसद आते हैं, तो मैं उन्हें एक किताब भेंट करूंगा। यह किताब किसी विपक्षी नेता की नहीं है। यह किताब किसी विदेशी लेखक की भी नहीं है। यह किताब देश के पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की है, और हैरानी की बात यह है कि कैबिनेट मंत्रियों के अनुसार, इस किताब का अस्तित्व ही नहीं है।”
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