देश में रसोई गैस की किल्ल्त की आहात के बीच सरकार बार बार भरोसा दिला रही है कि देश में एलपीजी गैस का पर्याप्त भंडार है और किसी तरह की कोई किल्लत नहीं है। वहीँ सरकार के दावे के पलट कई शहरो से गैस सिलेंडरों के लिए लंबी कतारें लगने की ख़बरें आ रही हैं।
सवाल यह भी है कि अगर एलपीजी सिलेंडर की कोई किल्लत नहीं है तो फिर पिछले एक सप्ताह में दर्जनों रेस्टॉरेंट और खाने के होटल बंद होने की ख़बरें क्यों आ रही हैं? इतना ही नहीं दिल्ली सहित कई शहरो में रसोई गैस सिलेंडर ब्लैक में मिलने की ख़बरें भी आ रही
देश में रसोई गैस की किल्ल्त की आहात के बीच सरकार बार बार भरोसा दिला रही है कि देश में एलपीजी गैस का पर्याप्त भंडार है और किसी तरह की कोई किल्लत नहीं है। वहीँ सरकार के दावे के पलट कई शहरो से गैस सिलेंडरों के लिए लंबी कतारें लगने की ख़बरें आ रही हैं।
सवाल यह भी है कि अगर एलपीजी सिलेंडर की कोई किल्लत नहीं है तो फिर पिछले एक सप्ताह में दर्जनों रेस्टॉरेंट और खाने के होटल बंद होने की ख़बरें क्यों आ रही हैं? इतना ही नहीं दिल्ली सहित कई शहरो में रसोई गैस सिलेंडर ब्लैक में मिलने की ख़बरें भी आ रही हैं।
एलपीजी सिलेंडरों को लेकर सरकार के दावे और ज़मीनी हकीकत में कई जगह विरोधावास है। सवाल उठता है कि अगर रसोई गैस सिलेंडर पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं तो सरकार ने बुकिंग की अवधि में फेरबदल क्यों किया?
पेट्रोल मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने गुरुवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि ग्रामीण इलाकों में लोगों को 45 दिनों में गैस सिलेंडर मिलेगा. वहीं, शहरवासियों के लिए थोड़ी राहत की खबर है. शहवासियों के लिए 25 दिन की अवधि तय की गई है। हालांकि उन्होंने यह भी दोहराया कि देश में पेट्रोलियम पदार्थो की कोई कमी नहीं है।
सरकार के दावों से ज़मीनी हकीकत मेल नहीं खाती। इस पर सरकार की तरफ से यह भी कहा जा रहा है कि एलपीजी गैस की किल्लत को लेकर अफवाहों पर ध्यान न दें। क्या सरकार कुछ छिपा रही है ? या एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत को लेकर महज अफवाहों का दौर चल रहा है। इस पर अपनी राय हमे अवश्य लिखिए।
(राजा ज़ैद द्वारा)
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