नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट का फैसला: देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, सुप्रीम कोर्ट ने UGC (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन) के 2026 के नए नियमों पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा है कि फिलहाल पुराने यानी 2012 के नियम ही लागू रहेंगे।
रोक क्यों लगी?
कोर्ट का मानना है कि नए नियमों में ‘जातिगत भेदभाव’ की परिभाषा स्पष्ट नहीं है। कोर्ट ने कहा कि नियमों की भाषा ऐसी है जिसका गलत इस्तेमाल (misuse) हो सकता है, इसलिए इसमें बदलाव की जरूरत है।
क्या थे नए नियम? इन नियमों का मकसद कॉलेजों में SC, ST और OBC छात्रों के
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट का फैसला: देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, सुप्रीम कोर्ट ने UGC (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन) के 2026 के नए नियमों पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा है कि फिलहाल पुराने यानी 2012 के नियम ही लागू रहेंगे।
रोक क्यों लगी?
कोर्ट का मानना है कि नए नियमों में ‘जातिगत भेदभाव’ की परिभाषा स्पष्ट नहीं है। कोर्ट ने कहा कि नियमों की भाषा ऐसी है जिसका गलत इस्तेमाल (misuse) हो सकता है, इसलिए इसमें बदलाव की जरूरत है।
क्या थे नए नियम? इन नियमों का मकसद कॉलेजों में SC, ST और OBC छात्रों के साथ होने वाले भेदभाव को रोकना था। इसके लिए संस्थानों को खास कमेटियां और हेल्पलाइन बनानी थीं।
विरोध क्यों हो रहा है?
सामान्य वर्ग (General Category) के छात्र इन नियमों का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि ये नियम भेदभावपूर्ण हैं और इनमें सामान्य वर्ग के छात्रों की सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है। दिल्ली और लखनऊ समेत कई शहरों में छात्र सड़कों पर उतर आए हैं।
राजनीतिक हलचल:
उत्तर प्रदेश में बीजेपी के एक नेता (श्याम सुंदर त्रिपाठी) ने इन नियमों को “काला कानून” बताते हुए इस्तीफा दे दिया है।
सरकार का पक्ष:
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आश्वासन दिया है कि नियमों का कोई गलत फायदा नहीं उठा पाएगा और किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा।
Discover more from In Breaking
Subscribe to get the latest posts sent to your email.

