ईरान पर हमले का विरोध: अमेरिका के शीर्ष अधिकारी ने इस्तीफा दिया

नई दिल्ली (इंटरनेशनल डेस्क)। अमेरिका में बुद्धजीवियों का एक वर्ग ईरान पर हमले से खुश नहीं हैं और ईरान पर हमले को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले पर अब विरोध खुलकर सामने आने लगा है। अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी जोसफ केंट ने ईरान पर हमले के विरोध में अपना इस्तीफा दे दिया है।

इस्तीफा देने वाले अधिकारी ने अपने आधिकारिक पत्र में स्पष्ट किया है कि वह ईरान के खिलाफ चल रहे ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ और इस युद्ध में अमेरिका की प्रत्यक्ष भागीदारी से असहमत हैं। अधिकारी का तर्क है कि अमेरिका की वर्तमान सैन्य नीति मध्य पूर्व में शांति स्थापित करने के बजाय पूरे क्षेत्र को एक विनाशकारी महायुद्ध की ओर धकेल रही है। उन्होंने यह भी चिंता जताई है कि इन हमलों के कारण बड़े पैमाने पर मानवीय संकट पैदा हो रहा है।

यह इस्तीफा बाइडेन प्रशासन के भीतर चल रही आंतरिक कलह को उजागर करता है। वाशिंगटन के गलियारों में चर्चा है कि विदेश विभाग और पेंटागन के कई अन्य अधिकारी भी इस युद्ध को लेकर संशय में हैं। उनका मानना है कि ईरान के शीर्ष नेतृत्व और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने से कूटनीति के सारे रास्ते बंद हो गए हैं और इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी बहुत बुरा असर पड़ रहा है।

अमेरिका में रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों ही खेमों के कुछ सांसदों ने इस इस्तीफे के बाद प्रशासन की घेराबंदी शुरू कर दी है। कुछ सांसदों का कहना है कि प्रशासन ने युद्ध में उतरने से पहले कांग्रेस (संसद) को पूरी तरह विश्वास में नहीं लिया।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और कई नाटो सहयोगी देश भी अमेरिका की इस सैन्य कार्रवाई से दूरी बना रहे हैं।


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