नई दिल्ली (इंटरनेश्नल डेस्क)। ईरान द्वारा सामरिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग ‘हुर्मुज़ स्ट्रैट’ को बंद किए जाने के बाद वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मच गया है। पार्सटुडे की रिपोर्ट के अनुसार, इस संकट से घिरे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब चीन सहित दुनिया के अन्य प्रमुख देशों से सहयोग की अपील की है।
चीन से सहयोग की अपील: राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने पुराने दावों को दोहराते हुए वैश्विक शक्तियों, विशेषकर चीन से इस समुद्री मार्ग को सुरक्षित
नई दिल्ली (इंटरनेश्नल डेस्क)। ईरान द्वारा सामरिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग ‘हुर्मुज़ स्ट्रैट’ को बंद किए जाने के बाद वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मच गया है। पार्सटुडे की रिपोर्ट के अनुसार, इस संकट से घिरे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब चीन सहित दुनिया के अन्य प्रमुख देशों से सहयोग की अपील की है।
चीन से सहयोग की अपील: राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने पुराने दावों को दोहराते हुए वैश्विक शक्तियों, विशेषकर चीन से इस समुद्री मार्ग को सुरक्षित बनाने और स्थिति को सामान्य करने में मदद मांगी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह नरम रुख अंतरराष्ट्रीय दबाव और तेल की कीमतों में आई भारी उछाल का परिणाम है।
क्यों बंद हुआ हुर्मुज़ मार्ग? ईरान पर अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हालिया हमलों के जवाब में तेहरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए हुर्मुज़ जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद कर दिया है। ईरान की इस कार्रवाई ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को बाधित कर दिया है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव: ज्ञात हो कि दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20% हिस्सा इसी संकरे समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है। इसके बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे दुनिया भर में मुद्रास्फीति का खतरा बढ़ गया है।
हुर्मुज़ स्ट्रैट की भौगोलिक स्थिति इसे दुनिया का सबसे संवेदनशील ‘चोक पॉइंट’ बनाती है। ट्रंप प्रशासन के लिए चीन से मदद मांगना एक बड़ा कूटनीतिक बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि अब तक अमेरिका इस क्षेत्र में अपनी एकतरफा पकड़ का दावा करता रहा है।
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