आज बांग्लादेश में हो रहे चुनाव ऐतिहासिक हैं। अगस्त 2024 में ‘मॉनसून क्रांति’ के बाद शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद यह पहला मौका है जब देश अपनी नई लोकतांत्रिक सरकार चुन रहा है।
1. चुनाव और जनमत संग्रह (Twin Elections)
बांग्लादेशी मतदाता आज एक साथ दो मत (Ballots) डाल रहे हैं:
संसदीय चुनाव: देश की 300 में से 299 सीटों पर वोटिंग हो रही है (शेरपुर में एक उम्मीदवार की मृत्यु के कारण वहां चुनाव टल गया है)।
संवैधानिक जनमत संग्रह (Referendum): मतदाता ‘जुलाई चार्टर’ पर अपनी मुहर लगा रहे हैं। इसमें प्रधानमंत्री के
आज बांग्लादेश में हो रहे चुनाव ऐतिहासिक हैं। अगस्त 2024 में ‘मॉनसून क्रांति’ के बाद शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद यह पहला मौका है जब देश अपनी नई लोकतांत्रिक सरकार चुन रहा है।
1. चुनाव और जनमत संग्रह (Twin Elections)
बांग्लादेशी मतदाता आज एक साथ दो मत (Ballots) डाल रहे हैं:
संसदीय चुनाव: देश की 300 में से 299 सीटों पर वोटिंग हो रही है (शेरपुर में एक उम्मीदवार की मृत्यु के कारण वहां चुनाव टल गया है)।
संवैधानिक जनमत संग्रह (Referendum): मतदाता ‘जुलाई चार्टर’ पर अपनी मुहर लगा रहे हैं। इसमें प्रधानमंत्री के कार्यकाल को अधिकतम 10 वर्ष (दो कार्यकाल) तक सीमित करने और एक उच्च सदन (Upper House) बनाने जैसे बड़े सुधार शामिल हैं।
2. मुख्य उम्मीदवार और पार्टियां
हसीना की पार्टी आवामी लीग (AL) पर प्रतिबंध लगने और खालिदा जिया के निधन (दिसंबर 2025) के बाद सियासी मैदान पूरी तरह बदल चुका है:
BNP (बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी): पूर्व पीएम खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान के नेतृत्व में यह सबसे बड़ी दावेदार मानी जा रही है। तारिक 17 साल के निर्वासन के बाद दिसंबर में ही लौटे हैं।
जमात-ए-इस्लामी: 11-पार्टी गठबंधन का नेतृत्व कर रही यह पार्टी कट्टरपंथी और राष्ट्रवादी एजेंडे के साथ उभरी है।
NCP (नेशनल सिटिजन पार्टी): इसे 2024 के छात्र आंदोलन के नेताओं (Gen Z) ने बनाया है। वे जमात के साथ गठबंधन में हैं और खुद को “पुरानी वंशवादी राजनीति” के विकल्प के रूप में पेश कर रहे हैं।
3. बड़ी चुनौतियां और हिंसा
असुरक्षित केंद्र: पुलिस ने 43,000 में से लगभग 24,000 केंद्रों को ‘संवेदनशील’ घोषित किया है। चुनाव को सुरक्षित बनाने के लिए सेना के 1 लाख जवान और 1.5 लाख पुलिसकर्मी तैनात हैं।
हिंसा की खबरें: आज दोपहर खुलना-2 निर्वाचन क्षेत्र में BNP नेता मोहिबुज्जमां कोच्चि की हत्या की खबर आई है, जिसका आरोप जमात कार्यकर्ताओं पर लगा है।
मतदान प्रतिशत: आवामी लीग के गढ़ माने जाने वाले इलाकों (जैसे मदारीपुर, गोपालगंज) में मतदान की रफ्तार काफी धीमी है।
4. “Gen Z” का प्रभाव
इस चुनाव को दुनिया का पहला ‘Gen Z-Inspired’ चुनाव कहा जा रहा है क्योंकि:
12.7 करोड़ मतदाताओं में से करीब 44% युवा (18-37 वर्ष) हैं।
50 लाख युवा पहली बार वोट डाल रहे हैं।
5. समय और नतीजे
वोटिंग: सुबह 7:30 बजे शुरू हुई और शाम 4:30 बजे तक चलेगी।
नतीजे: मतगणना शाम को ही शुरू हो जाएगी और आज आधी रात तक रुझान स्पष्ट होने की उम्मीद है।
भारत पर असर: भारत इस चुनाव पर बारीकी से नजर रख रहा है क्योंकि शेख हसीना के बिना बनने वाली नई सरकार का रुख भारत के प्रति कैसा होगा (खासकर यदि जमात का प्रभाव बढ़ा), यह दक्षिण एशिया की सुरक्षा के लिए बेहद अहम है।
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