वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच जो बाइडन प्रशासन ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लेते हुए ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई समेत 10 शीर्ष अधिकारियों और सैन्य कमांडरों पर कुल 1 करोड़ डॉलर (करीब 83 करोड़ रुपये) के इनाम की घोषणा की है।
यह कार्रवाई अमेरिकी विदेश विभाग के ‘रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस’ कार्यक्रम के तहत की गई है। अमेरिका ने इन सभी नेताओं को वैश्विक आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को
वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच जो बाइडन प्रशासन ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लेते हुए ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई समेत 10 शीर्ष अधिकारियों और सैन्य कमांडरों पर कुल 1 करोड़ डॉलर (करीब 83 करोड़ रुपये) के इनाम की घोषणा की है।
यह कार्रवाई अमेरिकी विदेश विभाग के ‘रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस’ कार्यक्रम के तहत की गई है। अमेरिका ने इन सभी नेताओं को वैश्विक आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने का दोषी माना है।
इनाम की इस सूची में मोजतबा खामेनेई के अलावा उनके बेहद करीबी और प्रभावशाली सलाहकार अली असगर हेजाजी, मेजर जनरल यहया रहीम सफावी, पूर्व संसद अध्यक्ष अली लारीजानी और ईरान के वर्तमान गृह मंत्री इस्कंदर मोमेनी का नाम प्रमुखता से शामिल है। इसके साथ ही ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब और IRGC के चार अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस घेरे में लिया गया है।
अमेरिकी सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो भी व्यक्ति इन दसों लोगों की सही लोकेशन बताएगा या उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने वाली जानकारी प्रदान करेगा, उसे न केवल भारी भरकम इनामी राशि दी जाएगी, बल्कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका में सुरक्षित पुनर्वास और नई पहचान भी दी जाएगी।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान के भीतर ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत लगातार हमले किए जा रहे हैं। अमेरिकी रक्षा सूत्रों का दावा है कि मोजतबा खामेनेई हालिया हमलों में घायल हुए हैं और इसी वजह से वे पिछले कुछ दिनों से सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं। दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका के इस कदम को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन और ‘मानसिक दिवालियापन’ करार दिया है।
ईरानी अधिकारियों ने पलटवार करते हुए कहा है कि इस तरह के दबाव से उनकी रणनीति में कोई बदलाव नहीं आएगा। जानकारों का मानना है कि किसी देश के सर्वोच्च नेता पर इस तरह का सीधा इनाम रखना दोनों देशों के बीच पूर्ण युद्ध की संभावना को और अधिक बढ़ा सकता है।
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