समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में चल रहे मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस अभियान की तुलना ‘नोटबंदी’ से करते हुए इसे भाजपा का ‘वोटबंदी’ अभियान करार दिया है।
‘नोटबंदी’ से ‘वोटबंदी’ तक: अखिलेश का प्रहार
अखिलेश यादव ने कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद और सोशल मीडिया के माध्यम से भाजपा सरकार की नीयत पर सवाल उठाए। अखिलेश ने कहा कि जिस
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में चल रहे मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस अभियान की तुलना ‘नोटबंदी’ से करते हुए इसे भाजपा का ‘वोटबंदी’ अभियान करार दिया है।
‘नोटबंदी’ से ‘वोटबंदी’ तक: अखिलेश का प्रहार
अखिलेश यादव ने कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद और सोशल मीडिया के माध्यम से भाजपा सरकार की नीयत पर सवाल उठाए। अखिलेश ने कहा कि जिस तरह भाजपा ने अचानक नोटबंदी करके देश की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाई थी, वैसे ही अब SIR के बहाने विपक्ष के समर्थकों के नाम काटकर ‘वोटबंदी’ की जा रही है। उन्होंने कहा, “इनकी नीयत तब (नोटबंदी के समय) भी खराब थी और अब भी खराब है।”
PDA समाज को निशाना: सपा प्रमुख का आरोप है कि इस अभियान के जरिए जानबूझकर PDA (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) समाज के लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में लगभग 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे गए हैं, जो लोकतंत्र के लिए खतरा है।
SIR बनाम NRC: अखिलेश ने इस प्रक्रिया को “छद्म NRC” (Hidden NRC) बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि आधार कार्ड जैसे वैध दस्तावेजों को भी सत्यापन के दौरान नजरअंदाज किया जा रहा है, जो यह दर्शाता है कि यह केवल सुधार नहीं बल्कि एक विशेष वर्ग को मताधिकार से वंचित करने की साजिश है।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल: अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाये हैं। उन्होंने सवाल किया कि आधिकारिक सूची जारी होने से पहले ही भाजपा नेताओं को यह कैसे पता चल जाता है कि किस जिले या बूथ से कितने वोट काटे जाने वाले हैं?
पारदर्शिता की कमी: सपा अध्यक्ष ने मांग की कि जिन लोगों के नाम काटे जा रहे हैं (Form 7 के माध्यम से), उनकी सूची सार्वजनिक की जानी चाहिए ताकि यह पता चल सके कि नाम काटने का आवेदन किसने दिया था।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 और गठबंधन:
पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी और उनके INDIA गठबंधन के साथियों को आगाह किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सीधे चुनाव नहीं जीत सकती, इसलिए वह मशीनरी और मतदाता सूची में हेरफेर का सहारा ले रही है।
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