लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ पेश अविश्वास प्रस्ताव पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। बहस की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने इस प्रस्ताव को ‘संवैधानिक मजबूरी’ बताया। उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव लाने के पीछे कई तर्क सदन में रखे।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष, खासकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बोलने के दौरान माइक्रोफोन बंद कर दिए जाते हैं। उन्होंने कहा, “सदन में विपक्ष की आवाज़ को दबाने के लिए माइक को हथियार बनाया जा रहा है।” गोगोई ने दावा किया
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ पेश अविश्वास प्रस्ताव पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। बहस की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने इस प्रस्ताव को ‘संवैधानिक मजबूरी’ बताया। उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव लाने के पीछे कई तर्क सदन में रखे।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष, खासकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बोलने के दौरान माइक्रोफोन बंद कर दिए जाते हैं। उन्होंने कहा, “सदन में विपक्ष की आवाज़ को दबाने के लिए माइक को हथियार बनाया जा रहा है।” गोगोई ने दावा किया कि फरवरी में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी को 20 बार टोका गया।
तरुण गोगोई ने अलोकतांत्रिक आचरण का आरोप लगाते हुए कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि सदन की गरिमा और संविधान की रक्षा के लिए है। उन्होंने सवाल उठाया कि डिप्टी स्पीकर का पद खाली क्यों रखा गया है।
वहीँ वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला। जब संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने जवाहरलाल नेहरू का ज़िक्र किया, तो प्रियंका ने हंसते हुए कहा— “मुझे यह देखकर हंसी आ रही है कि जिस नेहरू जी की आप दिन-रात आलोचना करते हैं, आज अपनी दलील साबित करने के लिए उन्हीं का सहारा ले रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जो इनके (सरकार के) सामने नहीं झुका, और वह हैं राहुल गांधी। वे बेझिझक सच बोलते हैं और सरकार से वह सच पचता नहीं है।” उन्होंने सरकार पर स्पीकर की स्वायत्तता छीनने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को नष्ट करने का आरोप लगाया।
तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने अपने पुराने निष्कासन का ज़िक्र करते हुए इसे ‘दैवीय न्याय’ (Divine Karma) बताया। उन्होंने कहा कि स्पीकर ने सांसदों के निलंबन के मामले में “अशोभनीय बेंचमार्क” स्थापित किए हैं।
कांग्रेस सांसद एस. जोतिमणि ने आरोप लगाया कि महिला सांसदों के खिलाफ अपमानजनक बातें की गईं और सदन में विपक्ष की चिंता जताने पर रोक लगाई गई।
सत्ता पक्ष का जवाब:
सरकार की तरफ से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस सांसद तरुण गोगोई के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि विपक्ष “गैर-जिम्मेदार” है। उन्होंने कहा कि शोर-शराबा और नियमों का उल्लंघन होने पर ही हस्तक्षेप किया जाता है।
बहस में हिस्सा लेते हुए किरेन रिजीजू (संसदीय कार्य मंत्री) ने विपक्ष को “बेचैन” बताया और कहा कि वे स्पीकर की शक्तियों को खुद हथियाना चाहते हैं। उन्होंने प्रियंका गांधी पर चुटकी लेते हुए कहा कि अगर कांग्रेस उन्हें LoP बनाती तो शायद प्रदर्शन बेहतर होता।
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