राजस्थान में बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद

राजस्थान के बाड़मेर-जैसलमेर सीमावर्ती इलाके में सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन के दौरान अब तक की सबसे बड़ी खेप बरामद की है। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया तंत्र को अलर्ट पर डाल दिया है।

पुलिस महानिदेशक (DGP) ने बताया है कि इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है जो विस्फोटकों के स्रोत और उनके अंतिम गंतव्य का पता लगाएगी।

घटना का विस्तृत विवरण:
गुप्त सूचना पर कार्रवाई: इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) को एक गुप्त सूचना मिली थी कि सीमा के पास एक सुनसान फार्महाउस में संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं। इसी सूचना के आधार पर शनिवार देर रात छापेमारी की गई।

विस्फोटकों का भंडार: फार्महाउस के नीचे बने एक गुप्त तहखाने से करीब 10,000 किलोग्राम (10 टन) विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। इसमें भारी मात्रा में जिलेटिन की छड़ें, अमोनियम नाइट्रेट और डेटोनेटर शामिल हैं।

बड़ी साजिश की आशंका: सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक का भंडारण किसी सामान्य काम के लिए नहीं, बल्कि किसी बड़ी आतंकी साजिश या अवैध खनन सिंडिकेट द्वारा किया गया था। गणतंत्र दिवस के आसपास इस बरामदगी ने चिंताएं और बढ़ा दी हैं।

गिरफ्तारियां: छापेमारी के दौरान मौके से 3 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे अज्ञात स्थान पर पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में इनके तार अंतर्राज्यीय आपराधिक गिरोहों से जुड़े होने के संकेत मिले हैं।

हाई अलर्ट: इस बरामदगी के बाद राजस्थान के सीमावर्ती जिलों और प्रमुख शहरों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ता (BDDS) अभी भी इलाके की सघन तलाशी ले रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं और विस्फोटक तो नहीं छिपाया गया है।


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