लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को बहुजन समाज पार्टी (BSP) के संस्थापक और दलित आइकन मान्यवर कांशीराम की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने कांशीराम को मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, भारत रत्न से सम्मानित करने की आधिकारिक मांग की है।
राहुल गांधी ने अपने पत्र और सोशल मीडिया (X) पोस्ट के जरिए कांशीराम के योगदान को याद करते हुए उन्हें ‘सामाजिक न्याय का महान योद्धा’ और ‘बहुजन चेतना का मार्गदर्शक’ बताया।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को बहुजन समाज पार्टी (BSP) के संस्थापक और दलित आइकन मान्यवर कांशीराम की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने कांशीराम को मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, भारत रत्न से सम्मानित करने की आधिकारिक मांग की है।
राहुल गांधी ने अपने पत्र और सोशल मीडिया (X) पोस्ट के जरिए कांशीराम के योगदान को याद करते हुए उन्हें ‘सामाजिक न्याय का महान योद्धा’ और ‘बहुजन चेतना का मार्गदर्शक’ बताया। उन्होंने कहा कि कांशीराम जी ने भारतीय राजनीति के स्वरूप को बदल दिया और गरीबों व वंचितों को उनके वोट और प्रतिनिधित्व की ताकत का अहसास कराया।
उन्होंने कहा कि कांशीराम को भारत रत्न देना उन करोड़ों लोगों की आकांक्षाओं का सम्मान होगा जो उन्हें सशक्तिकरण का प्रतीक मानते हैं।
बता दें कि यह मांग राहुल गांधी द्वारा 13 मार्च 2026 को लखनऊ में आयोजित ‘संविधान सम्मेलन’ में शामिल होने के दो दिन बाद आई है। उस कार्यक्रम में भी कांशीराम को भारत रत्न देने का प्रस्ताव पारित किया गया था। राहुल ने वहां एक बड़ा बयान देते हुए कहा था:
“अगर आज जवाहरलाल नेहरू जीवित होते, तो कांशीराम जी कांग्रेस के मुख्यमंत्री होते।” राहुल गांधी के इस बयान के बाद मायावती ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए पूछा कि जब कांग्रेस इतने सालों तक सत्ता में थी, तब उन्होंने बाबासाहेब अंबेडकर को सम्मान क्यों नहीं दिया और कांशीराम को उनके जीवित रहते उचित सम्मान क्यों नहीं मिला?
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