भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने कल (19 फरवरी 2026) एक बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली, कर्नाटक और पंजाब समेत 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के अगले चरण की तैयारी शुरू करने का निर्देश दिया है।
यह खबर उन लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जो वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाना या सुधारना चाहते हैं। यहाँ इस पूरी खबर का विस्तृत विवरण दिया गया है:
क्या है SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण)?
SIR चुनाव आयोग की एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें Booth Level Officers (BLOs) घर-घर जाकर मतदाता सूची का सत्यापन करते
भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने कल (19 फरवरी 2026) एक बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली, कर्नाटक और पंजाब समेत 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के अगले चरण की तैयारी शुरू करने का निर्देश दिया है।
यह खबर उन लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जो वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाना या सुधारना चाहते हैं। यहाँ इस पूरी खबर का विस्तृत विवरण दिया गया है:
क्या है SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण)?
SIR चुनाव आयोग की एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें Booth Level Officers (BLOs) घर-घर जाकर मतदाता सूची का सत्यापन करते हैं। इसका उद्देश्य फर्जी या दोहरी प्रविष्टियों को हटाना और नए पात्र मतदाताओं (जो 18 वर्ष के हो गए हैं) के नाम जोड़ना है।
यह प्रक्रिया सामान्य पुनरीक्षण से अधिक विस्तृत और गहन होती है। इससे पहले यह प्रक्रिया बिहार में पूरी हो चुकी है और वर्तमान में यूपी, बंगाल, तमिलनाडु जैसे 12 राज्यों में चल रही है।
किन 22 राज्यों/UT में होगी घोषणा?
चुनाव आयोग ने इन राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को तैयारी पूरी करने को कहा है। यह प्रक्रिया अप्रैल 2026 से शुरू होने की उम्मीद है। प्रमुख राज्य इस प्रकार हैं:
उत्तर भारत: दिल्ली (NCT), पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, चंडीगढ़।
दक्षिण भारत: कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश।
पश्चिम और मध्य भारत: महाराष्ट्र, झारखंड।
पूर्वोत्तर भारत: मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश।
अन्य: ओडिशा, दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव।
मुख्य समयसीमा और प्रक्रिया-
शुरुआत: अप्रैल 2026 (संभावित)।
घर-घर सत्यापन: BLOs आपके घर आएंगे और परिवार के सदस्यों का विवरण सत्यापित करेंगे।
दस्तावेज: आपको आधार कार्ड (केवल पहचान के लिए), आयु प्रमाण पत्र या निवास प्रमाण पत्र तैयार रखने की सलाह दी गई है।
डिजिटल लिंक: नए नियमों के तहत, 2002-2004 के पुराने SIR रिकॉर्ड से मतदाताओं को लिंक करने की कोशिश की जा रही है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
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