सोनम वांगचुक मामले में आज, 11 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने उनकी रिहाई की मांग का कड़ा विरोध किया। केंद्र सरकार की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने सोनम वांगचुक को पूरी तरह स्वस्थ बताया।
1. केंद्र सरकार का रुख: “पूरी तरह तंदुरुस्त”
मेडिकल रिपोर्ट: सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि हिरासत के दौरान वांगचुक की 24 बार मेडिकल जांच की गई है। सरकार के अनुसार, वे “पूरी तरह फिट और तंदुरुस्त” (Hale and Hearty) हैं।
बीमारी का स्पष्टीकरण:
सोनम वांगचुक मामले में आज, 11 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने उनकी रिहाई की मांग का कड़ा विरोध किया। केंद्र सरकार की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने सोनम वांगचुक को पूरी तरह स्वस्थ बताया।
1. केंद्र सरकार का रुख: “पूरी तरह तंदुरुस्त”
मेडिकल रिपोर्ट: सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि हिरासत के दौरान वांगचुक की 24 बार मेडिकल जांच की गई है। सरकार के अनुसार, वे “पूरी तरह फिट और तंदुरुस्त” (Hale and Hearty) हैं।
बीमारी का स्पष्टीकरण: सरकार ने स्वीकार किया कि उन्हें पाचन (Digestive) संबंधी कुछ समस्या और इंफेक्शन हुआ था, लेकिन उनका जोधपुर एम्स (AIIMS) में बेहतरीन इलाज किया जा रहा है और अब चिंता की कोई बात नहीं है।
रिहाई से इनकार: केंद्र ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत जिस आधार पर उन्हें हिरासत में लिया गया था, वे कारण अभी भी मौजूद हैं, इसलिए केवल स्वास्थ्य के आधार पर उन्हें रिहा करना संभव नहीं है।
2. सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
पिछले हफ्ते (4 फरवरी) कोर्ट ने वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता जताई थी और सरकार से पूछा था कि क्या उनकी उम्र और बिगड़ते स्वास्थ्य को देखते हुए रिहाई पर “पुनर्विचार” किया जा सकता है।
आज की सुनवाई में जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी.बी. वराले की पीठ ने सरकार की दलीलों को सुना। जब एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) के.एम. नटराज ने वांगचुक पर युवाओं को भड़काने का आरोप लगाया, तो कोर्ट ने उनके बयानों के संदर्भ को पूरी तरह पढ़ने की बात कही।
3. सरकार के गंभीर आरोप
केंद्र सरकार और लद्दाख प्रशासन ने वांगचुक की हिरासत को सही ठहराते हुए कोर्ट में कुछ गंभीर दावे किए:
भड़काऊ भाषण: सरकार का आरोप है कि वांगचुक ने नेपाल के आंदोलन और ‘अरब स्प्रिंग’ का उदाहरण देकर भारतीय युवाओं को भड़काने की कोशिश की।
राष्ट्रीय सुरक्षा: सरकार ने कहा कि वे लद्दाख जैसे संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र में सामाजिक और राजनीतिक अस्थिरता पैदा करना चाहते थे, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है।
4. मामला क्या है?
हिरासत: सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को लद्दाख के लिए ‘राज्य का दर्जा’ और ‘छठी अनुसूची’ (6th Schedule) की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था।
याचिका: वे वर्तमान में राजस्थान की जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो ने उनकी हिरासत को “अवैध” बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
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