नई दिल्ली (इंटरनेशनल डेस्क)। इजरायली हमलों में ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारिजारी और बासिज अर्धसैनिक बल के कमांडर गुलामरेज़ा सुलेमानी की मौत हो गई है। ईरानी मीडिया ने लारिजानी की मृत्यु की पुष्टि कर दी है, जिन्हें सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का सचिव माना जाता था।
इन हमलों को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसकी शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी। युद्ध के शुरुआती दौर में ही ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने की खबरें आई थीं, जिसके
नई दिल्ली (इंटरनेशनल डेस्क)। इजरायली हमलों में ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारिजारी और बासिज अर्धसैनिक बल के कमांडर गुलामरेज़ा सुलेमानी की मौत हो गई है। ईरानी मीडिया ने लारिजानी की मृत्यु की पुष्टि कर दी है, जिन्हें सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का सचिव माना जाता था।
इन हमलों को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसकी शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी। युद्ध के शुरुआती दौर में ही ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने की खबरें आई थीं, जिसके बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई ने कमान संभाली है।
बता दें कि ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच चल रहा युद्ध अब अपने 18वें दिन में प्रवेश कर चुका है, और स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। युद्ध का असर अब खाड़ी देशों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी साफ दिख रहा है।
ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) को लगभग बंद कर दिया है, जिससे दुनिया भर में कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति बाधित हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर हवाई यात्राएं महंगी हो गई हैं और कई एयरलाइंस ने अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं।
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर जैसे देशों ने भी मिसाइल और ड्रोन हमलों की सूचना दी है, जिसके चलते UAE को अपना हवाई क्षेत्र कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा।
इससे पहले कल ईरान ने साफ़ तौर पर कहा था कि जब तक अरब देशो में अमेरिकी सैन्य ठिकाने बंद नहीं हो जाते तब तक वह अरब देशो पर हमले जारी रखेगा। इतना ही नहीं ईरान की तरफ से मुस्लिम देशो को एक सन्देश जारी कर पूछा गया था कि वे किसकी तरफ हैं?
युद्ध में AI का इस्तेमाल:
युद्ध के मैदान में अब एआई (AI) तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल देखा जा रहा है। इजरायल और अमेरिका कथित तौर पर एआई सिस्टम का उपयोग करके मिनटों में लक्ष्यों की पहचान कर रहे हैं, जिससे युद्ध की गति और विनाशक क्षमता काफी बढ़ गई है।
ईरान के भीतर भी इंटरनेट ब्लैकआउट और कड़े प्रतिबंध लागू हैं, जिससे वहां से सटीक जानकारी बाहर आना मुश्किल हो रहा है। मानवीय आधार पर स्थिति भयावह है; रिपोर्टों के अनुसार, ईरान, लेबनान और इजरायल में अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं।
यह भी कहा जा रहा है कि ईरान के कई शहरो में लगे सीसी टीवी कैमरों को इज़राइल हैकरों ने हैक कर लिया है और इज़राइल ईरान में बड़े नेताओं और सैन्य अधिकारीयों को सीसी टीवी कैमरों की मदद से ट्रेस कर हमले कर रहा है।
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