राजस्थान: फर्जी फर्म को करोड़ों का टेंडर देने पर मचा बवाल, गहलोत ने सरकार को घेरा

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राजस्थान में गुजरात की एक फर्म के कथित तौर पर फर्जी पाए जाने के बाद सियासत गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मुद्दे पर राज्य की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया।

गहलोत का आरोप है कि बाहरी (गुजरात की) कंपनियों को प्राथमिकता देने के कारण ही ऐसे घोटाले हो रहे हैं। उन्होंने इसे स्थानीय व्यापारियों के हितों के साथ खिलवाड़ और सरकारी भ्रष्टाचार का प्रतीक बताया है।

गहलोत बनाम भाजपा: टेंडर फर्जीवाड़े पर मुख्य आरोप

 अशोक गहलोत ने गुजरात की एक फर्म को मिले करोड़ों के टेंडर को भाजपा सरकार के संरक्षण में हुआ “बड़ा घोटाला” बताया। गहलोत ने दावा किया कि राजस्थान के व्यापारी दो साल से शिकायत कर रहे हैं कि बाहरी फर्मों को अनावश्यक प्राथमिकता दी जा रही है।

‘X’ पर खबर साझा करते हुए पूर्व सीएम ने सवाल उठाया कि गुजरात के ठेकेदारों को ठेके देना “किसको खुश रखने की कवायद” है? फर्म के कथित तौर पर फर्जी पाए जाने को गहलोत ने भाजपा की कार्यप्रणाली का उदाहरण बताया।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘राजस्थान में 456 करोड़ रुपए के सोलर टेंडर और 46 करोड़ रुपए एडवांस का मामला केवल एक फर्जी फर्म का नहीं, बल्कि बीजेपी सरकार के संरक्षण में पनपे घोटाले का प्रतीक है।’ उन्होंने बीजेपी सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि विडंबना यह है कि जो बीजेपी सरकार गरीब आदमी को 1000 रुपये पेंशन देने में भौतिक सत्यापन करती है वह 456 करोड़ रुपए का टेंडर फर्म का भौतिक सत्यापन किए बिना दे देती है।

गहलोत ने सवाल उठाया कि बिना बैंक गारंटी सत्यापन, बिना तकनीकी जांच, एक गुजराती फर्म को इतनी बड़ी राशि कैसे और किसके निर्देश पर दे दी गई। उन्होंने कहा, ‘‘यह गुजरात की फर्म है इसलिए क्या प्रवर्तन निदेशालय यहां जाने का साहस दिखाएगी?’’ गहलोत ने कहा कि बीजेपी सरकार जवाब दे और इस पूरे घोटाले की निष्पक्ष, समयबद्ध जांच कराए।

 


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