पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग द्वारा की जा रही वोटर लिस्ट (मतदाता सूची) की गहराई से जाँच मामले में आज पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर सुप्रीमकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान स्वयं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी न केवल मौजूद रहीं बल्कि उन्होंने भी अपने वकील के साथ कोर्ट के समक्ष दलीलें रखीं।
सीजेआई ने ममता बनर्जी को संबोधित करते हुए कहा कि आधार कार्ड के बारे में हम फिलहाल कुछ नहीं बोल सकते, क्योंकि कोर्ट ने इस पर लंबी सुनवाई की है। नाम में गलती या स्पेलिंग को
पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग द्वारा की जा रही वोटर लिस्ट (मतदाता सूची) की गहराई से जाँच मामले में आज पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर सुप्रीमकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान स्वयं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी न केवल मौजूद रहीं बल्कि उन्होंने भी अपने वकील के साथ कोर्ट के समक्ष दलीलें रखीं।
सीजेआई ने ममता बनर्जी को संबोधित करते हुए कहा कि आधार कार्ड के बारे में हम फिलहाल कुछ नहीं बोल सकते, क्योंकि कोर्ट ने इस पर लंबी सुनवाई की है। नाम में गलती या स्पेलिंग को लेकर जो आपकी शिकायत है, उस पर हम चुनाव आयोग से पूछेंगे। सीजेआई ने कहा कि हम चुनाव आयोग के अधिकारियों को कहेंगे कि नाम को लेकर हो रही इस समस्या को देखें।
सुनवाई की 4 बड़ी बातें:
70 लाख लोगों को नोटिस: ममता बनर्जी के वकील ने बताया कि नाम की स्पेलिंग में मामूली गलती जैसे छोटे कारणों से करीब 70 लाख लोगों को नोटिस भेजे गए हैं। इससे लोग परेशान हैं और घंटों लाइनों में लग रहे हैं।
ममता बनर्जी की खुद पेशी: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद कोर्ट में मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि वह जनता के हक के लिए लड़ रही हैं। उनका आरोप है कि बंगाल को निशाना बनाया जा रहा है और शादी के बाद सरनेम बदलने वाली महिलाओं के नाम भी लिस्ट से हटाए जा रहे हैं।
चुनाव आयोग का जवाब: आयोग ने कहा कि उन्हें जांच के लिए पर्याप्त अधिकारी (ERO) नहीं मिले, इसलिए उन्होंने बाहरी ‘माइक्रो ऑब्जर्वर’ तैनात किए। आयोग का कहना है कि वे सिर्फ गड़बड़ियों को ठीक कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट का रुख: मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कहा कि किसी भी असली वोटर का अधिकार नहीं छिना चाहिए। कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है और कहा है कि वे इस समस्या का कोई व्यावहारिक (Practical) हल निकालेंगे।
पक्ष,मुख्य दलील:
ममता बनर्जी: आधार या डोमिसाइल सर्टिफिकेट स्वीकार नहीं किए जा रहे; बंगाल को टारगेट किया जा रहा है।
चुनाव आयोग: “राज्य सरकार ने अधिकारी नहीं दिए, इसलिए हमें माइक्रो ऑब्जर्वर लगाने पड़े।”
सुप्रीम कोर्ट: नाम या स्पेलिंग की गलतियों पर हम आयोग से जवाब मांगेंगे। अगली सुनवाई सोमवार को होगी।
कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि नोटिस भेजते समय सावधानी बरतें। अब सोमवार को तय होगा कि वोटर लिस्ट की जांच कैसे आगे बढ़ेगी।
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