सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) में नेशनल हाईवे पर हुई इस घटना ने सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश की है और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है।
शनिवार को प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, सहारनपुर-देहरादून हाईवे पर कुछ उपद्रवी तत्वों ने सड़क की सतह पर बड़े-बड़े अक्षरों में “यह मुसलमानों के लिए रोड नहीं है” जैसी भड़काऊ और आपत्तिजनक बातें लिख दी थीं। शनिवार सुबह जब राहगीरों ने इसे देखा, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन को दी गई।
प्रशासन की कार्रवाई और FIR
मामले की गंभीरता को
सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) में नेशनल हाईवे पर हुई इस घटना ने सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश की है और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है।
शनिवार को प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, सहारनपुर-देहरादून हाईवे पर कुछ उपद्रवी तत्वों ने सड़क की सतह पर बड़े-बड़े अक्षरों में “यह मुसलमानों के लिए रोड नहीं है” जैसी भड़काऊ और आपत्तिजनक बातें लिख दी थीं। शनिवार सुबह जब राहगीरों ने इसे देखा, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन को दी गई।
प्रशासन की कार्रवाई और FIR
मामले की गंभीरता को देखते हुए सहारनपुर पुलिस और जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया। आला अधिकारियों के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी (PWD) के कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया और पेंट या केमिकल की मदद से उन आपत्तिजनक शब्दों को मिटाया गया।
सहारनपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने स्पष्ट किया है कि यह समाज में विद्वेष फैलाने की एक सोची-समझी साजिश है। पुलिस ने अज्ञात शरारती तत्वों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
CCTV फुटेज और जांच
घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि उन लोगों की पहचान की जा सके जिन्होंने देर रात इस कृत्य को अंजाम दिया। पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। स्थानीय हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के प्रबुद्ध नागरिकों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और इसे शांति भंग करने का प्रयास बताया है।
प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर इस तरह के भड़काऊ संदेशों को साझा न करें और शांति बनाए रखें। क्षेत्र में तनाव न फैले, इसके लिए हाईवे पर पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है और खुफिया विभाग (LIU) को भी अलर्ट पर रखा गया है।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियां
सहारनपुर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय इनपुट के आधार पर तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि इन शरारती तत्वों ने शनिवार तड़के अंधेरे का फायदा उठाकर स्प्रे पेंट का इस्तेमाल किया था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इन लोगों का संबंध किसी विशेष संगठन से है या यह व्यक्तिगत स्तर पर की गई शरारत थी।
एसएसपी सहारनपुर ने कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि जिले की फिजा खराब करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन पर ‘गैंगस्टर एक्ट’ लगाने पर भी विचार किया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रशासन की आधिकारिक एडवाइजरी
जिला प्रशासन ने इस घटना के बाद एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी की है, जिसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
-सोशल मीडिया पर नजर: पुलिस की ‘सोशल मीडिया सेल’ सक्रिय कर दी गई है। जो लोग इस घटना की भड़काऊ तस्वीरें या वीडियो फेसबुक, व्हाट्सएप या एक्स (ट्विटर) पर शेयर कर रहे हैं, उन्हें चिन्हित कर नोटिस भेजे जा रहे हैं।
-शांति समिति की बैठक: सहारनपुर के जिलाधिकारी (DM) ने सभी धर्मों के धर्मगुरुओं और गणमान्य व्यक्तियों के साथ एक ‘शांति समिति’ (Peace Committee) की बैठक बुलाई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और पुलिस का सहयोग करें।
-हाईवे पर सुरक्षा: नेशनल हाईवे-9 (सहारनपुर-देहरादून) के उन संवेदनशील पॉइंट्स पर, जहाँ सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं, वहां नई यूनिट्स लगाने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, रात के समय पीआरवी (PRV) वैन की गश्त बढ़ा दी गई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
हाईवे के आसपास के गांवों में पुलिस ने ‘जनसंपर्क अभियान’ शुरू किया है ताकि लोगों के बीच विश्वास बना रहे। स्थानीय मुस्लिम संगठनों ने प्रशासन की त्वरित कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है, वहीं हिंदू संगठनों ने भी इसे असामाजिक तत्वों की हरकत बताते हुए आरोपियों को सख्त सजा देने की मांग की है।
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