कांग्रेस महासचिव और असम चुनाव के लिए स्क्रीनिंग कमेटी की अध्यक्ष प्रियंका गांधी वाड्रा ने 19 फरवरी 2026 को गुवाहाटी में असम की बीजेपी सरकार के खिलाफ एक ‘जन आरोप पत्र’ (People’s Charge Sheet) जारी किया है।
इस 20 सूत्रीय आरोप पत्र के माध्यम से कांग्रेस ने मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार पर गंभीर प्रहार किए हैं। यहाँ इस खबर के मुख्य बिंदु दिए गए हैं:
आरोप पत्र के 20 प्रमुख बिंदु-
कांग्रेस ने इस दस्तावेज को ‘जनता की शिकायतों’ का संकलन बताया है। इसमें निम्नलिखित मुख्य आरोप
कांग्रेस महासचिव और असम चुनाव के लिए स्क्रीनिंग कमेटी की अध्यक्ष प्रियंका गांधी वाड्रा ने 19 फरवरी 2026 को गुवाहाटी में असम की बीजेपी सरकार के खिलाफ एक ‘जन आरोप पत्र’ (People’s Charge Sheet) जारी किया है।
इस 20 सूत्रीय आरोप पत्र के माध्यम से कांग्रेस ने मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार पर गंभीर प्रहार किए हैं। यहाँ इस खबर के मुख्य बिंदु दिए गए हैं:
आरोप पत्र के 20 प्रमुख बिंदु-
कांग्रेस ने इस दस्तावेज को ‘जनता की शिकायतों’ का संकलन बताया है। इसमें निम्नलिखित मुख्य आरोप लगाए गए हैं:
-संस्थागत भ्रष्टाचार (सिंडिकेट राज): प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि असम में कोयला, सुपारी (बर्मी सुपारी), बालू, पत्थर और लकड़ी जैसे संसाधनों पर एक संगठित ‘सिंडिकेट’ का कब्जा है, जिसे सरकार का संरक्षण प्राप्त है।
-अवैध संपत्ति का संचय: आरोप पत्र में सीधे तौर पर मुख्यमंत्री, उनके परिवार और करीबी मंत्रियों पर सरकारी मशीनरी का उपयोग करके ‘अवैध रूप से संपत्ति’ जमा करने के दावे किए गए हैं।
-आदिवासी और चाय बागान श्रमिकों से वादाखिलाफी: * 10 साल सत्ता में रहने के बावजूद 6 स्वदेशी समुदायों (छुटिया, कोच-राजबोंगशी, मटक, मोरन, ताई अहोम और चाय जनजाति) को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा नहीं दिया गया।
-चाय बागान श्रमिकों की दैनिक मजदूरी को बढ़ाकर 351 रुपये करने का वादा भी अधूरा बताया गया।
-असम समझौते का उल्लंघन: कांग्रेस ने आरोप लगाया कि CAA (नागरिकता संशोधन अधिनियम) लागू करके और ‘इमिग्रेशन ऑर्डर 2025’ लाकर ‘असम समझौते’ की पवित्रता को नष्ट किया गया है।
-आर्थिक कुप्रबंधन: राज्य पर कर्ज का बोझ 2 लाख करोड़ रुपये के पार जाने और सरकारी स्कूलों (लगभग 9,000) को बंद करने या विलय करने पर सवाल उठाए गए हैं।
-बुलडोजर न्याय और एनकाउंटर: सरकार पर ‘बुलडोजर न्याय’ के नाम पर चयनात्मक निष्कासन और डर का माहौल बनाने का आरोप लगाया गया।
प्रियंका गांधी का असम दौरा और रणनीति
प्रियंका गांधी दो दिवसीय असम दौरे पर हैं। इस दौरान उनके कुछ अहम कार्यक्रम और बयान इस प्रकार रहे:
मां कामाख्या के दर्शन: अपने दौरे की शुरुआत उन्होंने नीलाचल पहाड़ियों पर स्थित कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ की।
उम्मीदवारों का चयन: स्क्रीनिंग कमेटी की अध्यक्ष होने के नाते वे जिला स्तर के कार्यकर्ताओं से फीडबैक ले रही हैं ताकि ‘जिताऊ’ उम्मीदवारों को टिकट दिया जा सके।
माफिया से तुलना: एक रैली के दौरान उन्होंने बीजेपी सरकार की तुलना ‘माफिया’ से की और शीर्ष नेतृत्व को ‘धृतराष्ट्र और शकुनी’ जैसे प्रतीकों से संबोधित किया।
बीजेपी की प्रतिक्रिया:
बीजेपी और मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने इन आरोपों को ‘निराधार और झूठ’ करार दिया है। मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों (जैसे ब्रह्मपुत्र के नीचे गोहपुर-नुमालीगढ़ सुरंग) का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस केवल नकारात्मकता फैला रही है। बीजेपी ने इसे प्रियंका गांधी का “चुनावी पर्यटन” बताया है।
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